1 करोड़ धनराशी का लक्ष्य 1 साल में कैसे हासिल करें?

1 करोड़ 1 साल में कैसे हासिल करें

एक रिसर्च के अकॉर्डिंग अमेरिका में टोटल जितनी भी पॉपुलेशन है उसमें से सिर्फ 5 परसेंट लोग ही ऐसे हैं जो साल भर में सिक्स फिगर इंकम कमाया करते हैं।

पर इस डेटा को जब डीपी स्टडी किया गया तो यह बात सामने आई कि यूएस पॉपुलेशन में जितने भी फुल टाइम वर्कर्स हैं उनमें से 9 परसेंट लोग ही ऐसे हैं जो एक लाख डॉलर या उससे ज्यादा कमाते हैं। मतलब अगर पूरी पॉपुलेशन 10 है तो उसमें से सिर्फ एक परसेंट लोग ही ऐसे हैं जो एक लाख डॉलर तक earn कर लेते हैं।

और यहां पर अगर मैं इंडिया की बात करूं तो इंडिया के अंदर भी लगभग same data हीं निकल कर आता है। यानि इंडिया में भी सिर्फ एक परसेंट लोग ही ऐसे हैं जिनकी नेटवर्थ 70 लाख से एक करोड़ के आसपास है। मगर यही सच है क्योंकि एक लाख डॉलर कमाना लोगों के लिए किसी माइलस्टोन से कम नहीं होता।

लोग तो खुद पर डाउट भी करने लगते हैं कि क्या मैं इतने पैसे कमा सकता हूं और इसी डाउट की वजह से वो कभी भी इस माइलस्टोन की तरफ बढ़ते भी नहीं। अगर आप एक बार में ही एक लाख डॉलर कमाने की सोचेंगे तो यह आपके लिए काफी बड़ा गोल लगेगा ही। इसलिए आप को इतना बड़ा अमाउंट एक बार में कमाने का सोचना भी नहीं है।

दूसरा तरीका आपको इसको अर्न करने का यूज करना है जो है एक बड़े अमाउंट को स्मॉल अमाउंट में तोड़ देना। क्यूंकि जब भी आप किसी बहुत बड़े विजन को छोटे छोटे गोल्स में ब्रेक कर देते हैं तो उसे अचीव करना आपके लिए थोड़ा आसान हो जाता है। इसको और आसान बनाने के लिए लेखक गैरी केलर अपनी बुक the one thing में एक बहुत ही कमाल का कॉन्सेप्ट एक्सप्लेन करते हैं जिसका नाम है द डोमिनो इफेक्ट।

द डोमिनो इफेक्ट

इस रोल को डोमिनोज गेम से इंस्पायर होकर बनाया गया है जहां शुरूआत में कुछ छोटे डोमिनोज धीरे धीरे बड़े डोमिनोज को गिराने लगते हैं।

अब इस कमाल के कॉन्सेप्ट को आप प्रैक्टिकली कुछ इस तरह से यूज कर सकते हैं कि मान लेते है कि आपको एक साल में एक लाख डॉलर कमाने हैं तो इस हिसाब से छह महीने में आपको 50 हजार डॉलर, क्वार्टरली 25 हजार डॉलर और हर महीने लगभग 8 हजार 300 डॉलर कमाने होंगे जिसे और ब्रेक करने पर हफ्ते में लगभग 2000 डॉलर्स और दिन में लगभग 278 डॉलर earn करने होंगे।

मतलब की आपको यह नहीं सोचना है कि आपको साल में एक लाख डॉलर कमाने होंगे बल्कि आपको यह सोचना है कि आप कैसे हर दिन 278 डॉलर कमा सकते हैं। है न कमाल का कॉन्सेप्ट।

अब इस चीज से होगा ये कि जवाब अपने बड़े गोल अचीव कर लेंगे तो आपको ऑटोमैटिकली ही अपना वीकली और मंथली गोल भी अचीव कर लेंगे।

पर इस तरह से पैसे कमाने के दो रास्ते होते हैं पहला है स्लो लेन मैथड और दूसरा है फास्ट लेन मेथड.

स्लो लेन मैथड

मैक्सिमम लोग पैसा कमाने के लिए स्लो लाइन मैथड का यूज करते हैं। वो किसी कंपनी में 9 to 5 की जॉब करते हैं जहां उन्हें घंटे के हिसाब से सैलरी दी जाती है और साल का अंत आने तक लोग मुश्किल से ही 30 से 40 हजार डॉलर कमा पाते हैं और इसी लिए ही इसको स्लो लेन मैथड कहा जाता है।

फास्ट लेन मैथड

जबकि फास्ट लेन मैथड इससे बिल्कुल अपोजिट होता है क्योंकि फास्ट लेन मैथड में आप पैसों के लिए काम नहीं करते बल्कि आप ऐसा लूप तैयार कर देते हैं जिसे ऑटोमैटिकली ही आपकी जेब में पैसा आता रहे और इसे करने में जो टेक्नीक सबसे ज्यादा काम आती है वो है सेलिंग की टेकनीक। क्योंकि शेयर करके आप घंटों काम करके कमाने वाले पैसे को एक ही बार में कमा लेते हो।

एग्जाम्पल देकर अगर समझाऊं तो इमैजिन कीजिए आपका विजन है एक साल के अंदर एक लाख डॉलर कमाने का। और आपके पास एक प्रोडक्ट है जिसे आप हंड्रेड डॉलर्स में बेच रहे हैं। तो ऐसे में अगर एक एवरेज देखा जाए तो साल में आपको 1000 यूनिट महीने में 84 यूनिट्स हफ्ते में 21 यूनिट्स और डेली लगभग तीन यूनिट्स बेचने होंगे। और अगर आपका कोई प्रोडक्ट ऐसा है जो हंड्रेड डॉलर्स की जगह 500 डॉलर्स में बिक सकता है तो फिर आपको एक साल में 200 यूनिट्स एक महीने में 37 यूनिट्स एक वीक में चार यूनिट्स और हर दिन कम से कम एक यूनिट को बेचना होगा।

तो इस तरह किसी भी प्रोडक्ट को एक हाई अमाउंट में सेल करके आप आसानीसे एक लाख एक साल में कमाने का अपना सपना पूरा कर सकते हैं। और इंटरनेट भी आपका इसमें पूरा साथ देगा क्योंकि ऑनलाइन फैसिलिटी प्रोडक्ट को इतने लोगों तक पहुंचाना और भी आसान कर दिया है।

पर सेल करना जितना आसान लोगों को लगता है उतना आसान यह है नहीं। क्योंकि सेल करते वक्त आप क्या बेचते हो और कस्टमर आपसे क्या चाहता है इन दोनों बातों में डिफरेंस है। इसलिए आपको अपने कस्टमर को आपका प्रोडक्ट खरीदने के लिए खुद से कन्वेंस करना पड़ता है और इस दौरान आपको कुछ ऐसे प्रिंसिपल्स का भी ध्यान रखना होता है जो किसी भी कस्टमर को कन्वेंस करने के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी है। जिनमें से पहला प्रिंसिपल है people buy things emotionally

People buy things emotionally – लोग भावनात्मक रूप से चीजें खरीदते हैं

इमैजिन कीजिए कि आपको बर्गर खाना है और जब आप बर्गर खाने के लिए मार्केट जाते हैं तो आप देखते हैं कि आपके सामने बर्गर की दो कार्ट खड़ी हैं। एक ठेले पर कोई अनजान आदमी होता है और दूसरा पर आपके पड़ोस वाले अंकल तो इन दोनों में से आप किसके पास जाओगे। आप पड़ोस वाले अंकल के पास जाओगे क्यों क्योंकि उनके साथ आपका एक रिलेशन है और आप उनसे इमोशनली अटैच्ड भी हैं।

मेन पॉइंट इस बात का ये है कि अगर आप लोगों को deeply analyze करोगे तो आप ये जानेंगे कि 85 परसेंट लोग जब किसी प्रोडक्ट को खरीदते हैं तो वो इमोशंस के बिहाफ पर खरीदते हैं। ऐसे इमोशंस जो उन लोगों को वो चीज खरीदते वक्त अपनापन फील कराए। इसलिए जब आप किसी को कोई प्रोडक्ट या सर्विस सेल कर रहे हैं तो आप कोशिश करोगे उससे आपका एक फ्रैंडली रिलेशन बन जाए और जब आप इसे करने में कामयाब हो जाते हैं तो किसी के भी इमोशन को आप बहुत आसानी से ट्रिगर कर सकते हैं।

एग्जाम्पल के लिए अमूल कंपनी जिसने शुरुआत से अपने mill products को शेयर करने के लिए इंडिया के लोगो में उनके इमोशंस को ट्रिगर किया और स्‍लोगन रखा, अमूल दूध पीता है इंडिया. जिसका मतलब है कि इंडिया के लोगो को सिर्फ अमूल दूध ही पसंद है। और इसी वजह से जब भी लोग मिल्क बाय करने जाते हैं तो सबसे पहले उनके माइंड में नाम अमूल का ही आता है इसलिए सही करने के लिए आपको लोगो के इमोशंस को ट्रिगर करना जरूरी है।

मतलब आपको अपने कस्टमर्स को यह यकीन दिलाना है कि आपका प्रोडक्ट खरीदकर वो अपने बहुत फायदे कर रहे हैं और इससे अच्छी चीज इतने पैसों में और कहीं नहीं मिल सकती क्योंकि इससे फिर आपका कस्टमर ना सिर्फ आपका प्रोडक्ट खरीदेगा बल्कि दूसरे लोगो को भी उस प्रोडक्ट को रिकमेंड करेगा और कोई कस्टमर अगर आपका प्रोडक्ट रिकमेंड करेगा तो आपकी सेल्स ऑटोमैटिकली ही इंक्रीज होती रहेगी।

You must care about your customer – आपको अपने ग्राहक की परवाह करनी चाहिए

दूसरा प्रिंसिपल है यू मस्ट केयर अबाउट योर कस्टमर्स। जैनी मॉर्गन जब एलआईसी कंपनी में काम करती थी तो वह अपने कस्टमर्स से अपनी कंपनी पॉलिसी के बारे में हर वक्त तारीफ़ किया करती थी। जिससे होता यह था कि उनके कस्टमर्स बहुत जल्दी बोर हो जाया करते थे फिर उनसे बचने के लिए या तो वो कोई बहाना मार देते हैं या फिर वो साफ मना कर देते। और ये सिर्फ एक या दो कस्टमर्स ही नहीं बल्कि सभी कस्टमर्स करते थे। इस चीज से जैनी मॉर्गन बहुत ही परेशान हो चुकी थी और कही न कही उनकी सेल्फ मोटिवेशन भी कम होती जा रही थी।

अब फिर ये सब कुछ ऐसे ही जब कंटीन्यू स्लो चलता रहा तो जैनी मॉर्गन के मन में अपनी उस कंपनी को छोड़ देने का ख्याल आने लगा। फिर एक सुबह जब जैनी मॉर्गन एक न्यूज पेपर पढ़ रही थी तभी उनकी नजर एक आर्टिकल पर गई जिसमें लिखा था अगर आप अपने कस्टमर्स को समझ सकते हैं तभी आप उनको कुछ बेच सकते हैं।

जैनी इस लाइन को सुनकर इतनी ज्यादा खुश हो गई कि मानो उनकी हर प्रॉब्लम का उनको सल्यूशन मिल गया हो। फिर अगले दिन जब वो अपने ऑफिस गई तो उन्होंने सबसे पहले अपने कस्टमर्स से बात करने की कोशिश की और जब वो उनसे बातें करने लगी तो उनको ये अपने आप ही पता चल गया के इस कस्टमर को पॉलिसी की आखिर क्यों जरूरत है।

जब वो उनके साथ कंफर्टेबल हो गए तो जैनी ने फिर उनको अपनी पॉलिसी के बारे में बताया और उनको कन्वेंस किया कि अगर आपकी ये प्रॉब्लम है तो हमारी ये पॉलिसी आपके लिए इस तरह फायदेमंद होगी। अब उनका इस तरह से बात करना इतना काम आया कि लोग उनकी बातों से कन्वेंस भी होने लगे और उनकी पॉलिसीज भी खरीदने लगे।

इसलिए दूसरे प्रिंसिपल यही है कि खुद ही अपने पार्टनर की तारीफ करने की बजाय आप अपने कस्टमर्स को समझो और ये जानने की कोशिश करें कि उनको आपका प्रोडक्ट आखिर चाहिए क्यों। फिर उन्ही के अकॉर्डिंग जब आप अपना प्रोडक्ट का सजेशन उनको देंगे तो उनको भी ये रियलाइज होगा कि उन्होंने वो प्रोडक्ट अपनी मर्जी से बाय किया है।

Sale With Stories – कहानियों के साथ बेचें

तीसरा प्रिंसिपल है सेल वेट स्टोरीज। टीवी पर जब किसी प्रोडक्ट की ऐड दिखाई जाती है तो आप गौर करना कि उसमें एक प्रॉपर स्टोरी होती है। कोई दांत के दर्द से परेशान होता है कोई कपड़ों में चमक ना होने से तो कोई सांवली स्किन से। मतलब लोगों को पहले एक स्टोरी दिखाई जाती है कि किस तरह ये इंसान पहले परेशान था बट हमारे प्रोडक्ट से इसकी परेशानी बिलकुल दूर हो गई। जिससे उस ऐड को देखने वाले उस प्रोडक्ट को भी अपनी परेशानी से बहुत अच्छे से रिलेट कर पाते हैं।

अब वैसे तो ये स्ट्रैटेजी अभी से नहीं बल्कि बहुत टाइम से चलती आ रही है पर आज भी ये इतनी ही कामयाब है जितना पहले थी। क्योंकि लोगों को स्टोरी सुनना बहुत अच्छा लगता है और जब कोई ऐसी स्टोरी सुनाई जाए जिसे लोग खुद को रिलेट कर पाएं तो फिर लोग आपके उस प्रोडक्ट को खरीदने के लिए और ज्यादा सीरियस हो जाते हैं।

मतलब आप अपने प्रोडक्ट को समझो उससे रिलेटेड लोगों के लिए स्टोरी बनाओ और फिर as a solution अपने प्रोडक्ट को उसमें add करदो। क्योंकि इसी से लोग ज्यादा अच्छे से रिलेट कर पाएंगे और आपकी सेल्स बढ़ेगी।

तो इन सभी प्रिंसिपल्स को ध्यान में रखकर आप सेल कर सकते हैं और फास्ट लेन मैथड से अपने माइलस्टोन को अचीव कर सकते हैं। जानकारी अगर आपको कामगार लगी हो तो उसको शेयर जरूर करें।

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